Bikaner: ज्ञापन देने आए युवकों पर भड़के मंत्री, बोले तुम्हारे कागज फाड़कर फेंक दूंगा

बीकानेर में UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो एक फरियादी पर गर्म होते दिख रहे हैं। ये युवक एक ज्ञापन देने के लिए मंत्री के पास आया था। लेकिन मंत्री जी इस बात पर भड़क गए कि जनसुनवाई का समय खत्म होने के बाद वो शख्स आया। दोनों के बीच काफी देर तक इस बात पर बहस हुई। शख्स ये कहता हुआ नजर आ रहा है कि आप तो जनप्रतिनिधि हो, आपको को तो हमें समय देना ही पड़ेगा। तो मंत्री खर्रा ने कहा कि नहीं मिलेगा समय, जब तुम चाहोगे तब नहीं मिलेगा समय। जब हम बैठे हैं समय पर तब तुम आते नहीं, फिर बाद में हो-हल्ला करने के लिए आते हो।
बीकानेर सर्किट हाउस में चल रही थी जनसुनवाई
दरअसल UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा बीकानेर सर्किट हाउस में जनसुनवाई के लिए बैठे थे। उनके साथ विधायक जेठानंद व्यास (जेठानंद व्यास) भी बैठे थे। यहां पर जवाहर नगर के रहने वाले गोपाल किराडु एक प्लॉट आवंटन से जुड़ा ज्ञापन देने पहुंचे थे। गोपाल जब मंत्री जी के पास ज्ञापन लेकर पहुंचे, अपनी तकलीफ सुनाई और कहा कि विकास प्राधिकरण के अधिकारी मेरी फाइल आगे बढ़ाने के लिए पैसों की मांग करते हैं, बगैर उसके काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए काफी परेशानी आ रही है। ये बात चल रही थी कि खर्रा भड़क गए। भरे कमरे में उन्होंने युवक से कह दिया कि आप समय के बाद आए हो।
ये है पूरी बातचीत
युवक- आप बड़े लोग हो, आप मिलने के लिए हजार आदमी आ सकते हैं कभी भी
खर्रा- आप पहले मेरी बात सुनो, आज सवा 10 बजे मैं मीटिंग में गया हूं, कान खोलकर बात सुनो पहले मेरी, मैं कल सवा 3 बजे बीकानेर आया था, साढ़े 5 तक यहीं था. उसके बाद शहीद स्मारक आया था, उसके बाद साढ़े 8 बजे वापस आया था। रात 11 बजे तक यहीं था।
युवक- आप जनप्रतिनिधि हो, आपको हमारे लिए समय तो देना ही पड़ेगा
खर्रा- तुम जब चाहोगे तो नहीं मिलेगा, जब मैं जनसुनवाई के लिए बैठा था तब तुम नहीं आए, जब सारे मिलकर चले जाते हैं उसके बाद जाकर तुम हो-हल्ला करोगे , तो ना आज ये बर्दाश्त होगा, ना ही कल।
युवक- हो-हल्ला की जरूरत नहीं है, हम तो आपको निवेदन करने आए हैं,
खर्रा- तुम्हारे पास समय नहीं था, तुम्हारे पेट में दर्द था, तो सुबह 9 बजे आ सकते थे, 10 बजे आ सकते थे, शाम को आ सकते थे, मैं सब समझता हूं कि मुझे 55 साल हो गए राजनीति में, आप जैसे हर दिन एक-दो मेरे पास आते हैं, इनके पेट में आते हैं, वो भी सुबह 9 बजे आ जाते हैं।
विधायक जेठानंद व्यास- अरे भाई बहस मत करो, काम करा लो, तुम्हारी बात सुन ली, शांति रखो, काम हो जाएगा। आराम से बात करो।
युवक- मैं तो शांत हूं, मैं तो बहस कर ही नहीं रहा, मैं तो निवेदन करने आया था, साफ-साफ कह दो कि जनसुनवाई करनी ही नहीं हैं, बस, हम चले जाते हैं।
खर्रा- जिसके पेट में दर्द है, और इलाज नहीं कराना चाहता है, केवल नाटक करना है तो वो समय के बाद आए फिर मेरे पास, समय पर सब रहते हैं, अधिकारी रहते हैं, सारे अधिकारी थे।
इसके बाद दूसरे लोग भी युवक को समझाने लगे, इसके बाद युवक बिना ज्ञापन दिए ही वहां से चला गया। लेकिन सोशल मीडिया पर इस वायरल वीडियो पर यूजर्स मंत्री की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये वही मंत्री हैं जिन्हें राजस्थान की जनता ने अपने कीमती वोटों से जिताकर सदन में पहुंचाया था और अब ये मंत्री जनता के साथ इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं । उनके पास जनता के लिए समय नहीं है।
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