4 जुलाई को जयपुर मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास करेंगे PM मोदी, प्रहलादपुरा से पिंजरापोल तक पहले चरण में बनेंगे 10 स्टेशन

Jaipur Metro Phase 2: जयपुरवासियों के लिए उनका लंबे समय का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। अब मेट्रो फेज-2 अब जमीन पर जो उतरने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान दौरे के दौरान जयपुर मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास करेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत 42.80 किलोमीटर लंबा नया नॉर्थ-साउथ मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक जाएगा। पहले चरण में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किलोमीटर का हिस्सा बनाया जाएगा, जिसमें 10 स्टेशन होंगे।
ये प्रोजेक्ट जयपुर की मौजूदा मेट्रो लाइन के बाद सबसे बड़ा शहरी परिवहन विस्तार माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में इस परियोजना को मंजूरी दी थी। पूरे फेज-2 प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 13,037.66 करोड़ रुपये है और इसे 50:50 साझेदारी में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पूरा करेंगी। परियोजना का उद्देश्य सितंबर 2031 तक काम पूरा करना है।
पहले चरण में कहां बनेंगे 10 स्टेशन
फेज-2 का काम 4 चरणों में पूरा किया जाना है, लेकिन शुरुआत टोंक रोड कॉरिडोर से होगी। पहले चरण में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला के बीच जो 10 स्टेशन प्रस्तावित हैं, वो हैं
प्रहलादपुरा
मानपुरा
बिलवा कलां
बिलवा
गोनेर मोड़
सीतापुरा
JECC
कुंभा मार्ग
हल्दीघाटी गेट
पिंजरापोल गौशाला
इन 10 स्टेशनों के लिए राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की टेंडर और निर्माण प्रक्रिया पहले से आगे बढ़ चुकी है। राज्य सरकार के टेंडर दस्तावेज़ में भी इन्हीं 10 एलिवेटेड स्टेशनों और एलिवेटेड रूट के निर्माण का जिक्र है।

पूरा फेज-2 रूट क्या होगा
जयपुर मेट्रो फेज-2 का पूरा कॉरिडोर प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक जाएगा। ये लाइन शहर के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों को जोड़ेगी और रास्ते में सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टोंक रोड, जयपुर एयरपोर्ट, SMS अस्पताल, स्टेडियम, अंबाबाड़ी, विद्याधर नगर और VKI जैसे बड़े नोड्स को कनेक्ट करेगी। केंद्र सरकार के मुताबिक ये कॉरिडोर जयपुर की मौजूदा मेट्रो लाइन के साथ भी जुड़ेगा। ताकि शहर में एक इंटीग्रेटेड मेट्रो नेटवर्क तैयार हो सके।
कुल 36 स्टेशन, 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड
मेट्रो फेज-2 में कुल 36 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें से 34 स्टेशन एलिवेटेड होंगे, जबकि 2 स्टेशन अंडरग्राउंड बनाए जाएंगे। अंडरग्राउंड हिस्सा खास तौर पर एयरपोर्ट क्षेत्र में होगा, ताकि जयपुर एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी दी जा सके। ये प्रोजेक्ट जयपुर को ऐसी मेट्रो सुविधा देगा, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र, एयरपोर्ट, अस्पताल, रेलवे और प्रमुख आवागमन कॉरिडोर एक-दूसरे से बेहतर तरीके से जुड़ सकें।
ड्राइवरलेस होगी जयपुर मेट्रो फेज-2
फेज-2 की एक बड़ी खासियत ये है कि इसे ड्राइवरलेस मेट्रो सिस्टम के तौर पर विकसित किया जाएगा। रिपोर्टों के मुताबिक, इसका संचालन CBTC यानी Communication-Based Train Control System के जरिए होगा। इससे ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी, सुरक्षा और संचालन क्षमता बेहतर होगी।
किन इलाकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
फेज-2 के पहले हिस्से का सबसे बड़ा असर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, JECC, टोंक रोड बेल्ट और दक्षिण जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे आवासीय इलाकों पर पड़ेगा। इससे रोजाना हजारों कर्मचारी, छात्र और यात्रियों को फायदा मिलेगा। प्रहलादपुरा से पिंजरापोल तक का कॉरिडोर खास तौर पर टोंक रोड के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आगे के चरण पूरे होने पर यह लाइन उत्तर जयपुर और दक्षिण जयपुर के बीच यात्रा को काफी आसान बना सकती है।
फेज-1 से कैसे जुड़ेगा नया कॉरिडोर
मेट्रो फेज-2 को मौजूदा फेज-1 (मानसरोवर-बड़ी चौपड़) से जोड़ने की भी योजना है। इसके लिए इंटरचेंज और फीडर सिस्टम बनाए जाएंगे। नया कॉरिडोर मौजूदा लाइन के साथ सीमलेस इंटीग्रेशन देगा, ताकि यात्रियों को अलग-अलग कॉरिडोर के बीच आसानी से आना-जाना हो सके।
4 जुलाई का शिलान्यास क्यों अहम
जयपुर मेट्रो फेज-2 लंबे समय से चर्चा में था, लेकिन अब इसका शिलान्यास तय हो जाना इस प्रोजेक्ट को सियासी ऐलान से आगे ले जाकर निर्माण तक पहुंचाने वाला कदम माना जा रहा है। 4 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में पचपदरा रिफाइनरी समेत कई विकास परियोजनाओं के साथ जयपुर मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास भी शामिल है। ऐसे में यह राजस्थान की सबसे बड़ी शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर घोषणाओं में से एक बन गया है।
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