अमन कुमार शर्मा: IAS साली और जज पत्नी ने ही ली जज की जान? पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Aman Kumar Sharma Death: न्याय की कुर्सी पर बैठकर दूसरों को इंसाफ दिलाने वाला एक युवा जज अमन कुमार शर्मा की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लेकिन क्या यह महज एक आत्महत्या है? या फिर रसूख के दबाव में घुटते एक बेटे की चीख? पुलिस ने अब इस मामले में पत्नी स्वाति मलिक और उनकी IAS चचेरी बहन निधि मलिक समेत कई लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
ससुराल पक्ष के रसूख ने ले ली जान
अब सवाल उठता है कि एक जज को सुसाइड के लिए किसने मजबूर किया? परिजनों के आरोप सीधे और बेहद गंभीर हैं। अमन को उनकी पत्नी और ससुराल पक्ष के 'रसूख' से डराया जा रहा था। अमन की जो साली हैं वो जम्मू में IAS अधिकारी हैं, और उनके पति भी पुलिस में ऊंचे पद पर हैं तो बताया जा रहा है कि इसी पावर का इस्तेमाल कर अमन को मानसिक रूप से टॉर्चर किया जा रहा था। घटना की रात की कहानी किसी फिल्म के सस्पेंस से कम नहीं, लेकिन इसका अंत बेहद दर्दनाक है। शनिवार की रात, अमन ने राजस्थान के अलवर में रहने वाले अपने पिता, अधिवक्ता प्रेम कुमार शर्मा को फोन किया। फोन पर अमन की सिसकियां गूँज रही थीं। उन्होंने कहा, "पापा, मैं बहुत परेशान हूँ, मेरा जीना मुश्किल हो गया है... यह मेरा आखिरी कॉल है। ये सुनते ही एक पिता के पैर तले जमीन खिसक गई। वो उसी रात अलवर से दिल्ली के लिए भागे। लेकिन जब वो दिल्ली पहुंचे, तो वहां का माहौल सामान्य नहीं था। आरोप है कि घर के भीतर अमन की पत्नी, जो खुद भी न्यायिक अधिकारी हैं, बेहद आक्रामक थीं। पिता ने जब मामले को शांत करना चाहा, तो कथित तौर पर उन्हें पुलिस की धमकी देकर घर से निकालने की कोशिश की गई। और फिर... बाथरूम के भीतर से बजती मोबाइल की घंटी ने उस अनहोनी का संकेत दे दिया, जिससे पूरा परिवार डर रहा था। दरवाजा टूटा, तो अमन पत्नी की ही चुन्नी के फंदे से लटके मिले।
IAS साली और उसका ससुर भी घटना के वक्त मौजूद
आपको बता दें जिस वक्त अमन ने यह कदम उठाया, घर में उनकी आईएएस साली और चचिया ससुर मौजूद थे। परिजनों का कहना है कि पिछले 2 महीनों से अमन भयंकर दबाव में थे। घर में उनका कोई सम्मान नहीं था, हर बात पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। दिल्ली पुलिस ने अब IPC की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर लिया है और मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की गहनता से जांच की जा रही है। बीते रविवार को अलवर के 'तीज की श्मशान' घाट पर जब अमन का अंतिम संस्कार हुआ, तो वहां का मंजर देखकर हर आंख नम थी। एक 25 साल का होनहार करियर, दो मासूम बच्चे एक और एक टूट चुका परिवार। लेकिन इस विदाई में एक गहरी खाई भी नजर आई। अमन के ससुराल पक्ष से कोई भी अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचा-ना पत्नी और ना ही उनके बच्चे।
कड़कड़डूमा कोर्ट में जज के तौर पर तैनात थे अमन शर्मा
बता दें कि अमन दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में जज के पद पर तैनात थे। हैरानी की बात ये है कि कानून की कुर्सी पर बैठकर दूसरों को इंसाफ दिलाने वाला अमन, अपनी ज़िंदगी में ही इंसाफ के लिए जूझ रहा था। अमन के रिश्तेदार राजेश शर्मा ने पुलिस को बयान दिया कि घटना से पहले स्वाति और अमन के बीच बड़ा झगड़ा हुआ था। इस झगड़े के बाद अमन मानसिक रूप से टूट गए और बाथरूम में जाकर फांसी लगा ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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