होम/undefined/rajasthan-high-court-rejects-asaram-bail-appeal-orders-immediate-surrender

राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द की आसाराम की जमानत याचिका, तुरंत सरेंडर करने का आदेश, अब आजीवन जेल में रहना होगा

राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द की आसाराम की जमानत याचिका, तुरंत सरेंडर करने का आदेश, अब आजीवन जेल में रहना होगा
राजस्थान
27 May 2026, 02:28 pm
रिपोर्टर : Rakesh Choudhary

Asaram Bail Rejected: राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर खंडपीठ ने दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे आसाराम की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को तुरंत सरेंडर करना होगा। मामले में जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार की बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने 20 अप्रैल 2026 को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि आसाराम फिलहाल पैरोल पर बाहर है और अपना इलाज करवा रहा है।

कोर्ट का सरेंडर करने का आदेश

मामले में पीड़िता के वकील पीसी सोलंकी ने मीडिया को बताया कि कोर्ट ने आसाराम की अपील को खारिज कर दिया है। हालांकि इस मामले में कोर्ट ने सह आरोपी शिल्पी और शरतचंद की अपील को कोर्ट ने माना है। कोर्ट ने आसाराम पर लगे गैंगरेप के आरोप को सही नहीं माना लेकिन दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। इसके साथ ही कोर्ट ने आसाराम से तुरंत सरेंडर करने को भी कहा है।

बता दें कि विशेष पोक्सो कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही शिल्पी और शरतचंद को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ ही तीनों ने याचिका दायर की थी।

जानें केस की पूरी टाइमलाइन

गौरतलब है कि 21 अगस्त 2013 को जोधपुर के महिला थाने में नाबालिग ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने मामला दर्ज होने के ठीक 10 दिन बाद यानी 31 अगस्त को आसाराम को इंदौर स्थित आश्रम से अरेस्ट किया था। 6 नवंबर को पुलिस ने आसाराम के खिलाफ 1021 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया। मामले में 25 अप्रैल 2018 जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद जनवरी 2025 में कोर्ट ने आसाराम को स्वास्थ्य कारणों से अंतरिम जमानत दी। 27 अगस्त 2025 को कोर्ट ने जमानत अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। इसके बाद 29 अक्टूबर को आसाराम को एक बार फिर 6 महीने अंतरिम बेल मिली। इसके बाद आसाराम के वकीलों ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रूख किया। कोर्ट ने 08 दिसंबर 2025 को जमानत याचिका रद्द करते हुए हाईकोर्ट को 3 महीने के अंदर फैसला करने का निर्देश दिया। 15 अप्रैल को चिकित्सा कारणों ने आसाराम के वकीलों ने जमानत अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन किया। 17 अप्रैल को जमानत याचिका पर आसाराम के वकीलों ने अपनी दलीलें दी। इसके बाद कोर्ट ने 20 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था। ऐसे में आज हाईकोर्ट ने आसाराम को जमानत देने से इनकार करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है।

ये भी पढ़ेंः जयपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 25 हजार का इनामी बदमाश विक्रम सिंह उर्फ लादेन गुर्जर अरेस्ट

ये भी पढ़ेंः भैराणा धाम में बेनीवाल की कूच तो भाटी ने आने से किया इनकार, संतों की आज महापंचायत


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2025 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.