महिला आरक्षण में भी ओबीसी कोटे की मांग कर रही कांग्रेस, ये जातिवाद नहीं तो और क्या?

महिला आरक्षण में भी ओबीसी कोटे की मांग कर रही कांग्रेस, ये जातिवाद नहीं तो और क्या?
राष्ट्रीय
23 Apr 2026, 03:34 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Women Reservation bill: एक तरफ कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष परिसीमन का बहाना लेकर महिला आरक्षण का विरोध कर रही है और दूसरी तरफ पुराने महिला आरक्षण बिल को लागू करने की मांग कर रही है। लेकिन अब तो कांग्रेस ने एक अलग ही मांग अपनी रख दी। वो ये कि महिला आरक्षण जो संसद और विधानसभाओं में दिया जा रहा है उसमें भी OBC कोटा हो। यानी ओबीसी महिलाओं को इसमें भी आरक्षण मिले।

OBC नेताओं की राहुल गांधी की मीटिंग में जमावड़ा

दरअसल नई दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस की ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की एक बैठक हुई थी। जो ओबीसी मुद्दों को लेकर थी। इस बैठक में अशोक गहलोत, सचिन पायलट, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल, बीके हरिप्रसाद समेत कई बड़े नेता शामिल थे। ये मीटिंग राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई। इसमें ओबीसी वर्ग की सियासी और सामाजिक समस्याओं की चर्चा हुई थी और उन मुद्दों पर चर्चा हुई जिसे संसद में पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा और दूर करने पर बात की जाएगी।

ओबीसी को आबादी के हिसाब से दिया जाए हक- कांग्रेस

मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि आरक्षण ‘जितनी आबादी उतना हक’ के आधार पर मिले। ऐसे में देश में सबसे पहले जातिगत जनगणना होनी चाहिए। इसके बाद ही परिसीमन हो और तब ही महिला आरक्षण बिल भी लागू हो। कांग्रेस की शिकायत है कि महिला आऱक्षण बिल में ओबीसी महिलाओं की कोई चर्चा ही नहीं है। यानी अब कांग्रेस महिलाओं में भी अब जाति ढूंढ रही है, क्योंकि महिलाओं का प्रतिनिधित्व पहले ही काफी कम है। कांग्रेस का कहना है कि जब देश में 60 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है तो फिर वो अपना हक क्यों ना मांगें। इस मुद्दे को अब कांग्रेस देश भर में लेकर जाएगी।

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गहलोत बोले- महिला आरक्षण की बात तो राजीव गांधी ने की

वहीं महिलाओं को ओबीसी प्रतिनिधित्व देने की बात राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मीडिया को दिए बयान में कहा था कि राहुल गांधी ने तो खुलकर देश की जनता के मन की बात रखी है। उनका ये मैसेज अब गांवों तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी तो देश भर में घूमकर महिला आरक्षण के कप्तान बने घूम रहे हैं। लेकिन महिला आरक्षण की शुरुआत तो राजीव गांधी ने ही कर दी थी। उनकी वजह से आज 20 लाक महिलाएं जनप्रतिनिधि हैं।

कैसे मिल सकता है OBC को आरक्षण

यहां कांग्रेस की ये मांग गले नहीं उतर रही। क्योंकि जब संसद में ही ओबीसी वर्ग को आरक्षण नहीं है तो महिलाओं के आरक्षण में भी कैसे OBC को आरक्षण मिल सकता है। क्योंकि फिलहाल जो बिल सरकार लेकर आई उसमें SC-ST की महिलाओं को आरक्षण दिया गया है क्योंकि ये समाज के सबसे कमोजर वर्ग से आती हैं। ओबीसी की महिलाओं के लिए अलग से कोटा डालने का मतलब है कि सामान्य वर्ग की सीटें कम हो जाएंगी।

दूसरा ये कि ओबीसी की महिलाओं के लिए अगर अलग से कोटा दिया जाएगा तो ये महिलाओं में ही और संघर्ष पैदा कर सकता है। इससे जब महिलाओं में ही इस तरह की सामाजिक दूरी आ जाएगी तो सामाजिक परिवर्तन के लिए जो एकजुटता महिलाओं की चाहिए वो कैसे मिल पाएगी। ऐसे में अब देखना ये है कि कांग्रेस की ये मांग कितनी आगे जाती है और सरकार और न्यायपालिका का इस पर क्या रुख रहता है।

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