कांग्रेस की अपील तक को कोर्ट ने किया था खारिज, पंचायत चुनाव पर गहलोत ने की BJP की घेराबंदी

कांग्रेस की अपील तक को कोर्ट ने किया था खारिज, पंचायत चुनाव पर गहलोत ने की BJP की घेराबंदी
राजस्थान
22 Apr 2026, 02:41 pm
रिपोर्टर : ज्योति शर्मा

Ashok Gehlot on BJP: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्तमान बीजेपी सरकार को पचपदरा समेत कई मुद्दों पर घेरा। गहलोत ने भजनलाल सरकार की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने ऐसे-ऐसे सवाल दागे जिसका बीजेपी को जवाब तो देना ही है। हालांकि अभी तक बीजेपी की तरफ से गहलोत के तीखे बयानों को कोई पलटवार नहीं आया है।

पंचायत चुनाव में देरी क्यों?

बीते दिन अपने जयपुर स्थिति आवाज पर उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर पचपदरा रिफाइनरी आग, महिला आरक्षण बिल, पंचायत नगर निकाय चुनाव में देरी जैसे कई मुद्दों पर बीजेपी पर निशाना साधा। पंचायत चुनाव में देरी पर गहलोत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243 के प्रावधानों और राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ये चुनाव अब तक संपन्न हो जाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अनिवार्यताओं की इस तरह अनदेखी करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।

गहलोत ने याद दिलाया कि एक बार कांग्रेस सरकार के समय हड़ताल के चलते चुनाव न करवाने की अपील की गई थी जिसे कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था और चुनाव करवाए गए थे।

राष्ट्र के नाम संबोधन में राजनीति भाषण कौन देता है- गहलोत

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल में दिए राष्ट्र के नाम संबोधन को गहलोत ने राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि ऐसा कभी नहीं किया जाता है कि राष्ट्र के नाम संबोधन में राजनीतिक भाषण दिया जाए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही थी लेकिन सरकार ने विपक्ष की मांग को अनसुना कर दिया।

वहीं पचपदरा रिफाइनरी में आग की घटना को उन्होंने पीएम मोदी के दौरे के लिहाज से बहुत बड़ी दुर्घटना बताया। उन्होंने कहा कि इसमें बहुत बड़ी लापरवाही की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें- पचपदरा रिफाइनरी में आग पर Ex CM गहलोत का विस्फोटक बयान, बोले PM की रैली में इतनी बड़ी लापरवाही

उन्होंने PHED में पिछले 33 महीनों का बकाया का भी मुद्दा उठाया और कहा कि लगभग 4500 करोड़ रुपए का भुगतान अटका है। प्रदेशभर के ठेकेदार अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। ठेकेदारों और औद्योगिक संगठनों ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए 'भुगतान नहीं तो काम नहीं' और 'पानी रोको आंदोलन' शुरू करने की चेतावनी दी है।

'RGHS को बर्बाद ही कर दिया इन्होंने'

इसके अलावा RGHS पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरह से लागू न होने पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि RGHS को लेकर पूरा पेंशनर समाज दुखी है। जिस उद्देश्य से हमने RGHS योजना शुरू की थी, उसे विफल किया जा रहा है। अगर कुछ लोगों ने बेईमानी की है तो इसका मतलब ये नहीं कि है पूरी योजना को ही बर्बाद कर दिया जाए। मेडिकल स्टोर्स के हजारों करोड़ रुपये बकाया हैं।

वहीं FIR दर्ज करने को अनिवार्य बनाए जाने संबंधी उनकी घोषणा को याद करते हुए गहलोत ने कहा कि FIR दर्ज करना अनिवार्य किया गया था, जिसका PHQ ने विरोध भी किया। एक बार इस योजना को रोक दिया गया था और मुझे समझाया गया, लेकिन बाद में मैंने फिर इसके ऐलान किया। अन्नपूर्णा किट योजना बहुत लोकप्रिय थी।

किसानों की हो कर्जमाफी

किसान हित में आवाज़ उठाते हुए अशोक गहलोत ने किसान कर्जमाफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसान आज दबाव और कठिनाइयों में है। जिस पैटर्न पर हमने पहले कर्जमाफी की थी, उसी तरह दोबारा किसान कर्जमाफी की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के किसानों को लेकर दिए बयान कि किसान बीस पच्चीस दिन ही काम करता है को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों की बड़ी बेइज्जती की है तथा इसको लेकर किसानों में बेहद आक्रोश है।

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