मजदूरों के लिए Ex CM अशोक गहलोत ने कर दी कौन सी मांग, CM भजनलाल को लिख दिया लेटर

मजदूरों के लिए Ex CM अशोक गहलोत ने कर दी कौन सी मांग, CM भजनलाल को लिख दिया लेटर
राजस्थान
01 May 2026, 01:10 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Jaipur: आज दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जा रहा है। जयपुर में इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मजदूरों के हित में कई मांगें कर दी हैं। उन्होंने मजदूरों के हित के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेटर भी लिखा। जिसमें उन्होंने मजदूरों का वेतन बढ़ाने की मांग की है।

अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मई दिवस है, मजदूरों का दिवस है और इसीलिए कहा गया था उस जमाने के अंदर दुनिया के मजदूरों एक हो जाओ। आज उसके बावजूद भी जो हालात हैं, बहुत गंभीर हैं। जो मजदूरी है, जो न्यूनतम मजदूरी होती है वो भी मजदूरों को नहीं मिल पा रही है। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

नोएडा में आप ने देखा कि तमाशा कितना बड़ा हो गया। किस प्रकार से लोग सड़कों पर आ गए तो सरकार को एक वार्निंग है वो अपने आप के अंदर कि किस प्रकार से हम मजदूरों का ख्याल रखें। जो मालिक हैं, उनकी ड्यूटी है कि किस प्रकार से वो अपने मजदूरों का ख्याल रखें। खुद की जिम्मेदारी बनती है नैतिक रूप से भी और उसके अभाव के अंदर यह स्थिति बनती है। बहुत चिंताजनक स्थिति है पूरे मुल्क में।

राजस्थान में मजदूरों के हालात सबसे खराब

अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान की तो स्थिति और खराब है। यहां तो जो राज्य देश में सबसे नीचे है मजदूरी में उसमें राजस्थान आता है। ये बहुत ही अनफॉर्चुनेट है। मैंने कल ही पत्र लिखा है मुख्यमंत्री को कि आपको चाहिए कि मजदूरी बढ़ाएं प्रदेश के अंदर जिससे कि राजस्थान में जो है और मजदूरों के अंदर, श्रमिकों के अंदर, शांति, प्यार, मोहब्बत, भाईचारा बना रहे ये मेरा मानना है।

गहलोत ने कहा कि हमने गिग वर्कर्स का कानून पास किया था जो पूरे देश के अंदर सिर्फ राजस्थान ने पास किया वो कानून। न्यूयॉर्क टाइम्स के एक संवाददाता ने लिखा कि यह कानून हिंदुस्तान में हर राज्य में बनना चाहिए और दुनिया के मुल्कों में बनना चाहिए तो आप सोच सकते हो। राजस्थान की कांग्रेस सरकार थी उसकी पहल को देश और दुनिया में पहचान मिली थी। दुर्भाग्य से सरकार बदल गई और इन्होंने उस कानून को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ना नियम बनाए, ना उनकी रक्षा कर रहे, रोज अखबार में आता है उनकी स्थिति क्या आज भी आया होगा। स्थिति बहुत गंभीर है राजस्थान के अंदर उस पर ध्यान देना चाहिए।

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सिलिकोसिस बीमारी से ग्रसित मजदूरों की हालत नाजुक- गहलोत

अशोक गहलोत ने सिलिकोसिस बीमारी से जूझ रहे मजदूरों पर कहा कि स्थिति बहुत ही नाजुक है। वहां पर जो माइनिंग के मालिक हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि वो पाबंद करें मजदूरों को भी कि किस प्रकार से उनके प्रोटेक्शन के लिए जो मास्क लगाना है या अन्य तरह के जो कई उपकरण भी आ गए आजकल, कई तरह की गाइडलाइन आ गई है, उनको फॉलो करें, उसी मजदूर को रखें वहां पर।

मजदूर खुद भी कभी गलती करता है। वह लापरवाही करता है। क्या फर्क पड़ेगा मास्क नहीं लगाऊं तो, जब बीमारी हो जाती है उसके बाद में उसका मरना निश्चित है। उसको ऑक्सीजन पर रखना पड़ता है, ऑक्सीजन की पाइपलाइन लगती है उसके मुंह पर और वह जब तक जिंदा रहता है, घरवाले तड़पते रहते हैं। आखिर में जान चली जाती है और मरना भी बड़ा मुश्किल है उसके अंदर क्योंकि बगैर ऑक्सीजन के तो वह सांस ले नहीं पाता है। पूरे फेफड़े खराब हो जाते हैं।

पहले इस बीमारी को राजस्थान में भी और देश के अंदर भी टीबी की बीमारी के रूप समझ कर इलाज होता था। यह तो राजस्थान सरकार ने पहल करी है। आज राजस्थान में इस बीमारी को खोज करके सिलिकोसिस बीमारी है। हमने दो बार पैकेज दिए हमारी सरकार जब जब आई और ₹5 लाख मिलते हैं। ₹5 लाख से क्या हो, जिंदगी चली गई। पर यह बीमारी हुई क्यों किसी को? मेन बात यह है।

गांव जाकर खुद देखे जमीनी हालात- गहलोत

अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार को चाहिए इन तमाम बातों पर ध्यान दें। मैं गया था सिकंदरा के अंदर एक गांव के अंदर, डेढ़ सौ महिलाएं वहां पर थी, और मैंने हाथ खड़े करवाएं, सब विधवाएं थी। आज जिस गांव में जा रहा हूं, भरतपुर के अंदर, वहां भी कहते हैं कि कितनी विधवाएं हो गई है कोई सोच नहीं सकता। क्या बीतती होगी उनके परिवार पर? आप खुद अंदाजा कर सकते हो कि एक महिला वो विधवा हो जाए, उसके घर में क्या बीतती होगी।

इसलिए मैंने तय किया कि जहां जहां यह सिलिकोसिस की शिकायत आएगी, मैं खुद भी कई जगह जाऊंगा, लोगों को जागृत भी करेंगे और सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे।

वहीं 5 राज्यों में एग्जिट पोल के सवाल पर गहलोत ने कहा कि एग्जिट पोल पर कोई विश्वास करता नहीं है। कभी सच भी होते हैं, कभी असत्य हो जाते हैं। कोई दम नहीं है।

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