पंचायत-निकाय चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट ने दिखाए सख्त तेवर, मुख्य चुनाव आयुक्त को अवमानना का नोटिस

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की देरी को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह को अवमानना का नोटिस दिया है। मामले की सुनवाई कार्यवाहक सीजे एसपी शर्मा की खंडपीठ में हुई। बता दें कि कोर्ट ने यह आदेश पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए हैं। इस दौरान कोर्ट ने चुनाव आयोग के वकीलों से कई सख्त सवाल भी किए।
कोर्ट ने पूछा कि हमारे आदेश के बावजूद वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का काम तय समय सीमा के बाहर का क्यों जारी कर दिया? कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह से इस मामले पर 1 महीने में जवाब दाखिल करने को कहा है। वहीं संयम लोढ़ा के वकील ने कहा कि सरकार और आयोग जानबूझकर चुनाव नहीं करवाना चाहते हैं। जोकि कोर्ट के आदेश की अवमानना है।
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जानें कोर्ट में क्या हुआ?
बता दें कि चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव के लिए 22 अप्रैल तक मतदाता सूची जारी करने का कार्यक्रम तय किया है। वहीं सरकार की ओर से पेश वकील राजेंद्र प्रसाद ने कह कि सरकार चुनाव आगे बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दायर कर रही है। इस पर कोर्ट ने सवाल पूछते हुए कहा कि यह तो बाद में भी किया जा सकता था कोर्ट इस बात से ज्यादा नाराज था कि आयोग ने तय सीमा के बाद की डेट फाइनल वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के लिए क्यों जारी की।
बता दें कि इससे पहले हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को आदेश देते हुए कहा था कि सरकार 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव करवाएं। वहीं परिसीमन की प्रकिया के लिए सरकार को 31 दिसंबर 2025 तक का समय दिया था।
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