जयपुर वालों के लिए बड़ी राहत! 2 घंटे में पूरी होगी 6 घंटे की दूरी, बन रहा ये पहला ग्रीन एक्सप्रेस वे

Kotputali-Kishangarh Express Way: जयपुरवासियों के लिए केंद्र सरकार बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। राजस्थान में जो एक्सप्रेस वे का जाल बिछ रहा है उसी क्रम में अब प्रदेश को पहला ग्रीन एक्सप्रेस वे मिल रहा है। ये अपनी तरह का पहला हाइवे होगा। कहा जा रहा है कि इससे 6 घंटे की दूरी मात्र 2 घंटे में पूरी हो जाएगी। ये कोटपूतली–किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे। ये प्रोजेक्ट उसी NH-48 पर दबाव कम करेगा, जहां रोज़ाना लंबा जाम (Rajasthan First Green Express Way) यात्रियों का समय और दिमाग दोनों खत्म कर देता है। ये नया एक्सप्रेसवे इस पूरे रूट को एक तंग हाईवे से निकालकर हाई-स्पीड कॉरिडोर में बदलने वाला है।
क्या है नया एक्सप्रेसवे और कितनी होगी स्पीड?
-ये एक्सप्रेसवे करीब 181–208 किमी लंबा होगा। शुरुआत कोटपूतली के पनियाला से और अंत किशनगढ़ (NH-48/448) पर।
-रास्ते में खाटूश्यामजी, रींगस, मकराना, नावा और रूपनगढ़ जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ते हुए यह हाई स्पीड कॉरिडोर आगे बढ़ेगा।
-कहा जा रहा है इस एक्सप्रेस से आपकी ड्राइव जो 5–6 घंटे में होती थी वो सिर्फ 2 ढाई घंटे में पूरी हो जाएगी।
-इस एक्सप्रेस वे स्पीड लिमिट 120 किमी/घंटा की होगी।
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- इसकी लागत 6,000 से 6,906 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
- ये 4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड का होगा।
- ये एक्सप्रेस वे जयपुर, सीकर, अजमेर, नागौर और अलवर जिलों को जोड़ेगा।
- इस एक्सप्रेस वे का इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहद शानदार बनाया जा रहा है। जिसमें 95 से ज्यादा अंडरपास, फ्लाईओवर और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स हैं।
क्यों अहम है ये प्रोजेक्ट?
दिल्ली–जयपुर–अजमेर (Delhi-Jaipur-Ajmer) यात्रा अब एक नए विकल्प पर निर्भर करेगी। भारी ट्रैफ़िक वाले NH-48 पर निर्भरता कम होगी और कॉमर्शियल वाहनों के लिए भी ये एक तेज़ और सुरक्षित रास्ता साबित होगा। तेज़ सफर का सीधा फायदा होगा जैसे फ्यूल की बचत होगी, समय की बचत होगी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आ जाएगी जो सीधे राजस्थान के विकास को ही आगे बढ़ाएगा। इतना ही नहीं जयपुर और आसपास के जिलों में रियल एस्टेट से लेकर इंडस्ट्री तक, सभी सेक्टर्स पर इसका असर होगा। खाटूश्यामजी और रींगस जैसे धार्मिक-व्यापारिक केंद्रों तक लोगों की पहुंच आसान होगी। दिल्ली–अजमेर कॉरिडोर को हाई-स्पीड विकल्प मिलने से कॉमर्शियल और यात्रियों का समय आधा हो जाएगा।
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