JJM में राजस्थान को बड़ी राहत, राजस्थान को 4503 करोड़ के बजट की मंजूरी

Jaipur: राजस्थान के जल जीवन मिशन (JJM) को केंद्र सरकार की तरफ से 4503 करोड़ रुपए का बजट मंजूर कर लिया है। इससे राज्य में पीने के पानी की बड़ी परियोजनाओं को फिर से नई रफ्तार मिल सकेगी। खास बात ये है कि बजट की मंजूरी दो साल की देरी के बाद मिली है, इसे राज्य सरकार और स्थानीय अधिकारियों ने एक बड़ा राहत भरा कदम बताया है।
दो साल बाद जारी हुआ है बजट
राजस्थान सरकार ने JJM के तहत पानी की सप्लाई और ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए योजनाओं को प्लांड तरीके से आगे बढ़ाया है। केंद्र सरकार ने 4503 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी देने के साथ भुगतान पर भी हरी झंडी दी है, जो दो साल बाद जारी किया गया है। इस वित्तीय स्वीकृति को राज्य के PHED यानी Public Health Engineering Department मंत्री कन्हैयालाल चौधरी की कोशिशों का नतीजा बताया जा रहा है।
JJM घोटाले के बाद फंड जारी होना बहुत बड़ी बात
राजस्थान का जल जीवन मिशन पानी देने के नाम पर पानी की तरह बहाया गया पैसा साबित हुआ है। इसमें 20,000 करोड़ के इस महाघोटाले की जांच चल रही है। रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल समेत 11 अधिकारी-कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ACB का कहना है कि जल जीवन मिशन के 20 हजार करोड़ के टेंडरों में प्राइस वेरिएशन की शर्त हटाने, साइट विजिट की शर्त जोड़ने के अलावा चीफ इंजीनियर को सस्पेंड करने और फर्जी सर्टिफिकेट से टेंडर लेने में महाघोटाला किया गया है। बीती सरकार के CMO में रहे कुछ अधिकारियों पर भी इसमें शामिल होने के आरोप लगे हैं।
क्या है JJM योजना?
बता दें कि JJM के तहत हर ग्रामीण घर तक सुरक्षित नल जल की पहुंच सुनिश्चित करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की ये महत्वाकांक्षी योजना है। जल जीवन मिशन दूरदराज़ गांवों और भूजल संघर्ष वाले इलाकों में पानी की समस्या का स्थाई समाधान देने के लिए है। इसमें केंद्र और राज्य का अनुदान होता है।
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