डोटासरा के गढ़ में पायलट की सेंधमारी, क्या PCC चीफ पर भारी पड़ेगा सचिन का ये शक्ति प्रदर्शन?

Sachin Pilot: राजस्थान की राजनीति में अगर 'क्रेज' शब्द का कोई चेहरा है, तो वो यकीनन सचिन पायलट हैं। वैसे तो सीकर को PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का अभेद्य किला माना जाता है, लेकिन शनिवार को जो मंजर खाटूश्यामजी की गलियों में दिखा, उसने सियासी पंडितों के कान खड़े कर दिए हैं। आलम यह था कि डोटासरा के अपने इलाके में पायलट के लिए ऐसी दीवानगी दिखी, जो शायद ही पहले कभी देखी गई हो।
खाटूधाम में बाबा श्याम के दर्शन करने पहुंचे सचिन पायलट का स्वागत किसी धार्मिक यात्रा जैसा नहीं, बल्कि एक बड़े शक्ति प्रदर्शन जैसा नजर आया। सड़कों पर ऐसा 'चक्का जाम' हुआ कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची। भीड़ का मिजाज ऐसा था कि पायलट को सुरक्षित निकालने के लिए लाडनूं विधायक मुकेश भाकर को खुद कमान संभालनी पड़ी। भाकर खुद भीड़ के बीच उतरकर रास्ता बनाते दिखे, जो यह बताने के लिए काफी है कि पायलट की लोकप्रियता पार्टी के भीतर कितनी है की खुद विधायक उनके लिए रस्ते बना रहे है।
क्या डोटासरा के गढ़ में सेंधमारी कर रहे हैं पायलट?
सियासी हलकों में अब यह चर्चा आम है कि क्या पायलट ने डोटासरा के गढ़ में सीधी सेंध मार दी है? शेखावाटी की राजनीति में डोटासरा का एकतरफा दबदबा माना जाता है, लेकिन पायलट के इस भव्य स्वागत ने साफ कर दिया है कि वहां का युवा और कार्यकर्ता आज भी सचिन के नाम पर पलकें बिछाए बैठा है।
आज सीकर दौरे पर रास्ते का नजारा,,, गाड़ियों का काफिला। 🙏💖✊🔥🔥@SachinPilot pic.twitter.com/4lZtj1bdZ2
— Lakhraj Awana (@LakhrajAwana) May 2, 2026
इस शक्ति प्रदर्शन के पीछे के बड़े कारणों पर नजर डालें तो, पायलट की अपील आज भी राजस्थान के युवाओं में सबसे ज्यादा है। वहीं मुकेश भाकर जैसे युवा विधायकों का खुलकर साथ आना यह दिखाता है कि पायलट गुट अभी भी बेहद सक्रिय और संगठित है। चुनाव परिणामों से पहले इस तरह का जनसैलाब उमड़ना हाईकमान को एक सीधा संदेश है। पायलट ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर तो जमकर निशाना साधा, लेकिन उनके इस दौरे की टाइमिंग ने कांग्रेस के भीतर की पुरानी गुटबाजी को फिर से चर्चा में ला दिया है। एक तरफ डोटासरा संगठन को मजबूत करने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ पायलट का उनके ही इलाके में ऐसा 'ग्रैंड वेलकम' होना कहीं न कहीं आंतरिक खींचतान की ओर भी इशारा करता है।
कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट जी ने शीश के दानी श्री खाटू श्याम जी के दरबार में हाज़िरी लगाकर दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
उन्होंने बाबा श्याम से देश-प्रदेश की खुशहाली और उन्नति की कामना की।
जय श्री श्याम 🙏 @SachinPilot @INCIndia pic.twitter.com/ja785S35oE
— DILKHUSH DAUSA (@DKBOYS786) May 2, 2026
पायलट साहब पहुंचे खाटूश्याम जी के दरबार।
हाथ जोड़े, सिर झुकाए, माला पहने। राजनीति से पहले नीति, कुर्सी से पहले भक्ति।
युवा यहीं से सीखे - पहले संस्कार, फिर सरकार। जय श्री श्याम#SachinPilot #Youthlcon #Khatu #Sikar @SachinPilot pic.twitter.com/YcBYkyzCZj
— Harveer Singh (@Viraj00781095) May 2, 2026
धार्मिक यात्रा या फिर 2028 की तैयारी?
मनोहरपुर-दौसा हाईवे से लेकर सीकर की सड़कों तक जिस तरह का काफिला पायलट के पीछे चला, उसने यह साबित कर दिया कि राजस्थान कांग्रेस में 'पायलट फैक्टर' को नजरअंदाज करना नामुमकिन है। अब देखना यह है कि डोटासरा के गढ़ में लगी यह 'सियासी सेंध' आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में क्या नया मोड़ लेकर आती है। क्या यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा थी, या फिर 2028 की तैयारी का ट्रेलर? जवाब वक्त देगा, लेकिन फिलहाल तो शेखावाटी में सिर्फ 'पायलट-पायलट' के ही चर्चे हैं।
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