राजस्थान में रची गई बंगाल में बीजेपी की चुनावी रणनीति, आजादी के बाद पहली बार बनेगी सरकार

West Bengal Elections Results 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के शुरूवाती रूझानों में बीजेपी तरफ आगे दिखाई दे रही है। इस बढ़त की चुनावी रणनीति में राजस्थान के कई दिग्गजों की अहम भूमिका रही है। इनमें सबसे अहम दो नाम जिसमें राजस्थान के निवासी और बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल और राजस्थान के अलवर से सांसद भूपेंद्र यादव के साथ—साथ राजस्थान विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ का नाम मुख्य रूप से शामिल है।
राजस्थान के इन नेताओं को मिली थी अहम जिम्मेदारी
बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी का किला ढहाने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जिन्होनें प्रवासी राजस्थानियों (मारवाड़ी समाज) के बीच जाकर वोट मांगा। इसके अलावा बाड़मेर—जैसलमेर के पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री कैलाश चौधरी ने भी चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कैलाश चौधरी को सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी जोन की 28 सीटों का प्रभार सौंपा गया था। कैलाश चौधरी ने 3 महीने का प्रवास करके वहां चुनाव रणनीति बनाई। इसके अलावा राजस्थान से बीजेपी विधायक और पूर्व प्रदेश महामंत्री जितेंद्र गोठवाल ने पहले चरण में जबरदस्त काम किया। गोठवाल ने कई विधानसभा के अन्दर रणनीति बनाने का काम किया। इसके अलावा पूर्व बीजेपी प्रदेश मंत्री अशोक सैनी भी लगातार तीन महीने बंगाल प्रवास पर लगातार मेहनत कर रहे हैं।
इनकी वजह से भी जीती बीजेपी पश्चिम बंगाल
इसके अलावा पूर्व बीजेपी प्रदेश मंत्री वासुदेव चावला, पूर्व विधायक पवन दुग्गल, पूर्व उपमहापौर अजमेर नीरज जैन, पूर्व प्रदेश मंत्री विष्णु चेतानी, विधायक अतुल भंसाली, पूर्व जिला अध्यक्ष भीलवाड़ा लादू लाल तेली, पूर्व विधायक शंकर सिंह राजपुरोहित, कमलेश पुरोहित चित्तौड़गढ़, पूर्व सांसद डॉ मनोज राजोरिया, देवकिशन मारू युवा मोर्चा को बंगाल चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी।
बंगाल में राजस्थान की इस रणनीति ने क्या धमाल मचाया है ये तो आप रुझानों में देख ही रहे हैं। ये बीजेपी के और पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में पहली बार होगा कि जब यहां पर बीजेपी अपनी सरकार बनाएगी। यानी अब पश्चिम बंगाल की जनता की ये इंतजार खत्म हो गया है, क्योंकि बीजेपी ने कमल खिला दिया है।
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