Rajya Sabha Elections Candidate: आज शाम को होगा राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवारों का ऐलान

Rajasthan Rajya sabha Elections: राजस्थान से राज्यसभा की 3 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने संकेत दिए हैं कि पार्टी अपने दोनों उम्मीदवारों के नाम जल्द घोषित कर सकती है और सबसे महत्वपूर्ण बात ये कही है कि दोनों चेहरे राजस्थान से ही होंगे। इस बयान के बाद भाजपा के भीतर चल रही दावेदारों की दौड़ और तेज हो गई है।
दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस को मिलने की संभावना
राजस्थान से राज्यसभा की 3 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें भाजपा के राजेंद्र गहलोत और रवनीत सिंह बिट्टू तथा कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है। नामांकन की आखिरी तारीख 8 जून है।
मदन राठौड़ के बयान से बदला सियासी गणित
अब तक यह चर्चा चल रही थी कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व किसी बाहरी या राष्ट्रीय स्तर के नेता को राजस्थान से राज्यसभा भेज सकती है, लेकिन मदन राठौड़ ने साफ संकेत दिया कि दोनों उम्मीदवार राजस्थान के स्थानीय चेहरे होंगे। इससे प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
किन नेताओं के नाम चर्चा में?
भाजपा के भीतर सबसे मजबूत दावेदारों में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। पार्टी में उनके लंबे अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इसके अलावा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का नाम भी चर्चा में है। हरियाणा चुनाव में उनकी भूमिका के बाद संगठन में उनका कद बढ़ा है।
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महिला प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर, अर्चना मीणा, सुनीता बैंसला और विजय बैंसला जैसे नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। भाजपा इस बार सामान्य वर्ग और ओबीसी समीकरणों के साथ-साथ गुर्जर समुदाय को भी साधने की रणनीति पर काम करती दिखाई दे रही है।
सिर्फ चुनाव नहीं, 2028 की तैयारी भी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा का राज्यसभा चयन केवल उच्च सदन की सीटें भरने तक सीमित नहीं होगा। पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों और कई सामाजिक वर्गों में राजनीतिक संदेश देने के उद्देश्य से भी उम्मीदवारों का चयन कर सकती है। यही वजह है कि संगठन, जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और भविष्य की रणनीति सभी को ध्यान में रखकर नाम तय किए जा रहे हैं।
कांग्रेस भी सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस में
दूसरी तरफ कांग्रेस भी अपने एकमात्र संभावित उम्मीदवार को लेकर सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश में है। पार्टी में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी का नाम चर्चा में है, जबकि अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के लिहाज से रेहाना रियाज का नाम भी सामने आ रहा है। कांग्रेस नेतृत्व ऐसा चेहरा तलाश रहा है जो संगठन और सामाजिक संतुलन दोनों को साध सके।
शाम के ऐलान पर टिकी निगाहें
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के संकेतों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी आखिर किन दो नेताओं पर भरोसा जताती है। यदि पार्टी राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया जैसे अनुभवी चेहरों को मौका देती है तो यह संगठन को संदेश होगा, जबकि किसी महिला या सामाजिक समीकरण वाले चेहरे को आगे बढ़ाने का फैसला भाजपा की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जाएगा। फिलहाल राजस्थान भाजपा में राज्यसभा को लेकर सस्पेंस अपने चरम पर है और सभी की निगाहें केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हुई हैं।
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