गहलोत के पैर छूने वाले मामले में बड़ा खुलासा...किसी चुनावी कर्मी ने नहीं छुए पैर, जिला निर्वाचन आयोग ने दिया स्पष्टीकरण

जोधपुर नगर निगम चुनाव के बीच एक पोलिंग बूथ पर अशोक गहलोत के पैर छूने के मामला गर्माया हुआ है। बीजेपी ने इसे आचार संहिता के खिलाफ बता दिया तो जिला निर्वाचन अधिकारी यानी कलेक्टर ने इसकी जांच कराई। लेकिन जांच में जो सामने आया उसने बीजेपी के इस दावे को धता बता दिया। जिला निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर किसी भी सरकारी कर्मचारी या चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों ने नहीं छुए बल्कि पैर छूने वाले आम मतदाता और एक निर्दलीय प्रत्याशी के पोलिंग और चुनावी एजेंट थे।
सीसीटीवी और वीडियोग्राफी की कराई गई जांच
दरअसल बीजेपी की शिकायत के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी यानी जोधपुर के कलेक्टर आलोक रंजन ने मामले की जांच कराई। जिसमें बूथ के सीसीटीवी फुटेज और वीडियोग्राफी की जांच की गई। जिसमें सामने आया कि किसी भी कर्मचारी ने अपनी कुर्सी से उठकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर नहीं छुए। वहीं जिन तीन लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छुए हैं, वो पोलिंग टीम के कर्मी नहीं थे।
कौन थे पैर छूने वाले तीनों शख्स
-जिस पहले शख्स ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छुए वो एक आम मतदाता था। यानी वो कोई सरकारी कर्मचारी या पोलिंग कर्मचारी नहीं था। वो वोट डालकर बाहर निकल रहा था तभी गहलोत आए थे। जिसके बाद वोटर ने पूर्व CM के पैर छुए।
-दूसरे जिस शख्स ने गहलोत के पैर छुए वो एक निर्दलीय प्रत्याशी का पोलिंग एजेंट था। प्रत्याशी का नाम प्रकाश बागोरिया है। वहीं जिस तीसरे व्यक्ति ने गहलोत के पांव छुए वो प्रकाश बागोरिया के ही मुख्य चुनावी एजेंट था।
-इस जांच के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और आयोग ने साफ किया कि इस घटना में कहीं से भी आचार संहिता या फिर चुनावी नियमों का कहीं से भी उल्लंघन नहीं हुआ है।
कांग्रेस बोली- बीजेपी सिर्फ माहौल खराब कराना चाहती
बीजेपी के आरोपों और जिला निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर करारा पलटवार किया है। जोधपुर जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन महामंत्री कुश गहलोत ने बीजेपी जो माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, इसका खंडन खुद कलेक्टर ने किया है। मामले की जांच करवाकर कलेक्टर ने कहा है कि एक नॉन पॉलिटिकल पार्टी के ही कैंडिडेट के पोलिंग एजेंट थे जिन्होंने अशोक गहलोत के पैर छुए।
कुश गहलोत ने कहा कि अशोक गहलोत जब पोलिंग बूथ के भीतर आए थे मतदान करने के लिए, उसी वक्त वहां एक निर्दलीय प्रत्याशी के पोलिंग एजेंट ने पिता समान जानकर अशोक गहलोत के पैर छुए। कुश गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी ने ना तो इस घटना की सच्चाई पता लगाने की कोशिश की और ना ही अपने कार्यकर्ताओं से पता कराने की कोशिश की जिसने अशोक गहलोत के पैर छुए हैं वो कौन हैं। बीजेपी ने सिर्फ माहौल को खराब करने के लिए और कांग्रेस की छवि बिगाड़ने के लिए ये खबर फैलाई की चुनाव कर्मचारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छुए हैं।
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