इधर हो रही वोटिंग उधर होटल पहुँच रहे पार्षद! निकाय चुनाव नतीजों से पहले शुरू 'बाड़ेबंदी'

राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न होते ही प्रदेश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मतदान केंद्रों पर भले ही जनता की भीड़ जुट रही हो, लेकिन असली दंगल अब रिसॉर्ट्स और लग्जरी होटलों की चकाचौंध में शिफ्ट हो चुका है।
पार्षदों प्रत्याशियों को होटलों में दिया जा रहा ठिकाना
दरअसल कई मीडिया रिपोर्ट्स ये दावा कर रही हैं की राजस्थान की प्रसिद्ध 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' यानी 'बाड़ेबंदी' का नया अध्याय शुरू हो चुका है। जयपुर देहात के मनोहरपुर, शाहपुरा से लेकर चोमू, कालाडेरा और पुष्कर तक पार्षद प्रत्याशियों को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाया गया है।
बीजेपी-कांग्रेस को डर, कहीं हो ना जाए सेंधमारी
भाजपा जहां इसे 'संगठनात्मक प्रशिक्षण वर्ग' और 'धार्मिक यात्रा' का नाम देकर चुनावी पेचीदगियों का पाठ पढ़ा रही है, वहीं कांग्रेस ने भी कांटे की टक्कर वाली सीटों और संवेदनशील निकायों में सेंधमारी रोकने के लिए किलेबंदी कस दी है।
निर्दलियों और बागियों पर भी सियासी दलों की नजर
इस बार सिर्फ दलीय प्रत्याशी ही नहीं, बल्कि मजबूत निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों को भी अपने पाले में करने की होड़ मची है। क्योंकि असली खेल 14 सितंबर को मतगणना के बाद शुरू होगा। 20-21 सितंबर को महापौर/अध्यक्ष पद के चुनाव के साथ ही यह तय होगा कि बाड़ेबंदी का यह चक्रव्यूह किसके लिए फायदेमंद साबित हुआ।
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