हनुमान बेनीवाल के कानूनी नोटिस पर बोले मदन राठौड़, 'राजनीतिक विमर्श का गिरता स्तर चिंताजनक'

Hanuman Beniwal Vs Madan Rathore: बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल के जारी सियासी बयानबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही। भैंराणा में संतों के समर्थन में किए गए कार्यक्रम के दौरान बेनीवाल की बयानबाजी को लेकर जमकर सियासी बवाल हुआ। इस बीच खबर है कि बेनीवाल की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस पर गुरुवार को मदन राठौड़ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक संवाद में मर्यादा और शालीनता बनाए रखना जरूरी है। राठौड़ ने ये बातें प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब होते हुए कही।
बीजेपी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि उन्हें कानूनी नोटिस मिल चुका है। हालांकि इसका जवाब देना है या नहीं, इस पर वे अभी भी विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले के सभी पहलूओं पर उनके वकील जांच कर रहे हैं इसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। राठौड़ ने आगे कहा कि लोकतंत्र में मतभेद और विरोध होना तय है लेकिन राजनीतिक विमर्श का स्तर का इस तरह गिरना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राजनीति में सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
जानें पूरा विवाद
मदन राठौड़ ने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि किसी विषय पर अपनी बात रखना और प्रार्थना करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है। बता दें कि कुछ दिन पहले भैंराणा धाम को लेकर हुई बयानबाजी के दौरान बेनीवाल ने सीएम भजनलाल को मुर्खाधिराज की संज्ञा दी। इसके बाद मदन राठौड़ ने पलटवार करते हुए बेनीवाल का सामाजिक बहिष्कार करने की बात कही थी। राठौड़ के इसी बयान को आधार बनाकर बेनीवाल ने उनको एक कानूनी नोटिस भेजा था।
ये भी पढ़ेंः हनुमान बेनीवाल ने प्रदर्शनकारियों पर इनाम घोषित करने पर उठाए सवाल, मदन राठौड़ के सामने किया था विरोध
ये भी पढ़ेंः हनुमान बेनीवाल ने की भजनलाल सरकार को अल्टीमेटम, कार्यकर्ताओं को रिहा ना करना पड़ जाएगा महंगा?
इस लिंक को शेयर करें

