बुलडोजर चलने के बाद भी ‘शान से खड़े’ काले कांड के होटल, 13 साल की बच्ची के रेप मामले में ये कैसी कार्रवाई?

श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची के गैंगरेप मामले में प्रशासन ने भरपूर एक्शन लिया लेकिन इस एक्शन का कोई मतलब शायद अब नहीं रह गया है। दरअसल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आदेश के बाद उन तीन होटलों में बुलडोजर चलवाया गया जहां पर बच्ची के साथ रेप की घटना हुई थी। लेकिन बुलडोजर ने महज़ होटलों के आगे वाले हिस्सों को थोड़ा-बहुत तोड़ा इससे वो आज भी अपना सिर ऊंचा कर शान से खड़े हैं। प्रशासन की ये कार्रवाई न्याय मांग रहे बच्ची और उसके परिवार समेत पूरे राजस्थान के कानून को मुंह चिढ़ा रही है और शायद ये कह रही है कि देखो इतना बड़ा अपराध करने के बाद भी मैं शान से खड़ा हूं।
‘प्रदेश में इस समय जंगलराज’
इस घटना पर RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल का बयान आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे राजस्थान को शर्मसार कर दिया है। एक मासूम को कई दिनों तक हैवानियत का शिकार बनाया गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इस प्रकार का प्रकरण प्रदेश में जंगलराज होने का प्रमाण है साथ ही प्रशासनिक विफलता का भी सबसे भयावह उदाहरण है।
‘होटलों में चल रहा अपराध, प्रशासन क्या कर रहा था’
बेनीवाल ने कहा कि वो राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूछना चाहता हैं कि होटलों में इस तरह का संगठित अपराध चल रहा था, तो पुलिस, स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार क्या कर रहे थे? दोषियों को फांसी जैसी कठोर सजा दिलाने के साथ-साथ इस पूरे गिरोह को संरक्षण देने वाले, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और इस मामले में मिलीभगत रखने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़िता के इलाज, पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाए तथा इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करे।
चौराहे पर फांसी देने का बनाया जाए कानून
बेनीवाल ने कहा कि मैंने लोक सभा में भी यह मांग उठाई थी और कई बार सार्वजनिक रूप से भी ये बात कही और फिर दोहरा रहा हूं कि मासूमों के साथ दरिंदगी करने वाले अपराधियों को चौराहे पर फांसी देने का कानून सरकार को बनाना बेहद जरूरी है।
दोस्त से मिलने 104 किमी दूर श्रीविजयनगर गई थी पीड़िता
18 जून को 13 वर्षीय ये बच्ची अपने घर से लापता हो गई थी। वो 18 जून की सुबह अपने घर से सोशल मीडिया पर दोस्त बने एक युवक से मिलने 104 किमी से ज्यादा दूर स्थिति श्रीविजयनगर गई थी। पुलिस के मुताबिक उस युवक ने पहले बच्ची का रेप किया और वापस श्रीगंगानगर के लिए बस में बिठा दिया। देर रात वो यहां पहुंची। फिर यहां से अपने घर तक जाने के लिए उसने एक ई-रिक्शा किया। बस यहीं से पूरी चेन शुरु हो गई। वो बच्ची को होटल जॉय इन में ले गया। जहां उसके साथ कई लोगों ने बलात्कार किया। जांच में सामने आया कि शहर के तीन होटलों में उसका कुल 32 लोगों ने शोषण किया है। 22 जून को वह हाउसिंग बोर्ड चौराहे स्थित एक होटल में गंभीर हालत में मिली। इस केस में अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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